
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से आयुष अग्रवाल के परिवार को मिली आर्थिक राहत, स्वच्छ ऊर्जा से पर्यावरण संरक्षण की ओर बढ़े कदम
कोरबा, 11 सितंबर 2026। सूरज की रोशनी अब केवल उजाला देने का माध्यम नहीं, बल्कि परिवारों के लिए आर्थिक बचत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता का जरिया भी बन रही है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर परिवार अपनी बिजली जरूरतों को पूरा करने के साथ बिजली खर्च में भी कमी ला रहे हैं। साथ ही स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे रहे हैं।
कोरबा के डीडीएम रोड निवासी श्री आयुष अग्रवाल के परिवार ने भी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ उठाकर अपने घर की ऊर्जा जरूरतों को सौर ऊर्जा से जोड़ लिया है। संयुक्त परिवार में रहने के कारण उनके घर में बिजली की खपत अधिक थी। पंखे, कूलर, फ्रिज, एसी सहित विभिन्न घरेलू उपकरणों के नियमित उपयोग से सामान्य दिनों में करीब 700 यूनिट बिजली की खपत होती थी, जबकि गर्मियों में यह बढ़कर 1200 से 1300 यूनिट तक पहुंच जाती थी। ऐसे में हर महीने आने वाला बिजली बिल परिवार के बजट पर अच्छा-खासा असर डालता था।
आयुष बताते हैं कि उन्हें प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी अपने जीजा जी के माध्यम से मिली। योजना के बारे में जानकारी मिलने के बाद उन्होंने इसका लाभ लेने का निर्णय लिया। उन्होंने अपने ताऊ जी के नाम से आवेदन कर घर की छत पर 10 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल सिस्टम स्थापित कराया। योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी तथा जिला प्रशासन और ऊर्जा विभाग से मिले मार्गदर्शन से सोलर संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हुई।
सोलर पैनल लगने के बाद उनके परिवार के बिजली खर्च में उल्लेखनीय बदलाव आया है। पहले जहां हर महीने बिजली बिल के रूप में हजारों रुपये खर्च होते थे, वहीं अब बिजली बिल लगभग शून्य के करीब पहुंच गया है। इससे परिवार को आर्थिक राहत के साथ मानसिक सुकून भी मिला है।
आयुष कहते हैं, “हमारे संयुक्त परिवार में बिजली की खपत काफी ज्यादा थी। सामान्य दिनों में करीब 700 यूनिट और गर्मियों में 1200 से 1300 यूनिट तक बिजली की खपत हो जाती थी। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत सोलर पैनल लगवाने के बाद बिजली बिल लगभग खत्म हो गया है। अब जो राशि बिजली बिल में खर्च होती थी, वह बचत के रूप में हमारे काम आ रही है।”
सौर ऊर्जा अपनाने से आर्थिक बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी परिवार की भागीदारी बढ़ी है। आयुष कहते हैं, “अब मैं गर्व से कह सकता हूं कि हमारे घर की बिजली की जरूरत स्वच्छ और हरित ऊर्जा से पूरी हो रही है। सूरज की ऊर्जा का उपयोग कर हम परिवार के खर्च को कम करने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रहे हैं।”
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ने आयुष जैसे परिवारों के लिए ऊर्जा आत्मनिर्भरता का नया रास्ता खोला है। घर की छत पर लगा सोलर सिस्टम अब उनके लिए केवल बिजली उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि आर्थिक बचत, स्वच्छ ऊर्जा और बेहतर भविष्य का आधार बन गया है। आवश्यकता से अधिक बिजली उत्पादन होने पर उसे ग्रिड में भेजने की सुविधा इस योजना को और उपयोगी बनाती है।
आयुष अग्रवाल की कहानी यह संदेश देती है कि आधुनिक तकनीक और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जब आम परिवारों तक पहुंचता है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव परिवार की अर्थव्यवस्था के साथ पर्यावरण पर भी पड़ता है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से कोरबा में घरों की छतें अब केवल धूप का लाभ लेने की जगह नहीं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, आर्थिक बचत और आत्मनिर्भरता के नए केंद्र बन रही हैं।







