
राष्ट्रीय बागवानी मिशन का लिया लाभ, 0.800 हेक्टेयर में करेला की खेती से मिला करीब 60 क्विंटल उत्पादन और 1.60 लाख रुपये का शुद्ध लाभ
कोरबा, 2 सितंबर 2026। कृषि हमारी अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से शासन द्वारा आधुनिक कृषि एवं उद्यानिकी तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के माध्यम से किसानों को उद्यानिकी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना का लाभ लेकर विकासखंड पोड़ीउपरोड़ा के ग्राम नगोई बछेरा निवासी किसान पुष्पेन्द्र कुमार पिता अजय कुमार ने आधुनिक तकनीक से सब्जी उत्पादन कर अपनी आमदनी बढ़ाई है। उनका अनुभव गांव के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रहा है।
पारंपरिक खेती में मेहनत अधिक, आमदनी सीमित
पुष्पेन्द्र कुमार लंबे समय से खेती-किसानी से जुड़े हैं। पहले वे अपने खेत में पारंपरिक तरीके से सब्जियों की खेती करते थे। इस पद्धति में मेहनत अधिक होने के बावजूद उन्हें अपेक्षित उत्पादन और लाभ नहीं मिल पाता था। परिणामस्वरूप उनकी आमदनी सीमित रहती थी।
राष्ट्रीय बागवानी मिशन से मिली आधुनिक खेती की राह
उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों से संपर्क और मार्गदर्शन मिलने के बाद पुष्पेन्द्र कुमार को आधुनिक सब्जी उत्पादन तकनीक की जानकारी मिली। उन्होंने राष्ट्रीय बागवानी मिशन का लाभ लेते हुए आधुनिक पद्धति से सब्जी उत्पादन करने का निर्णय लिया।
किसान के पास कुल 4.385 हेक्टेयर भूमि है, जिसमें लगभग 4 हेक्टेयर सिंचित तथा 0.385 हेक्टेयर असिंचित भूमि शामिल है। योजना के तहत उन्होंने 0.800 हेक्टेयर क्षेत्र में कद्दू वर्गीय फसल करेला की खेती की। आधुनिक तकनीक अपनाने से उन्हें लगभग 60 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ।
करेला उत्पादन से 1.60 लाख रुपये का शुद्ध लाभ
आधुनिक तरीके से सब्जी उत्पादन का परिणाम किसान के लिए उत्साहजनक रहा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार करेला उत्पादन की इस गतिविधि से पुष्पेन्द्र कुमार को लगभग 1.60 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। अतिरिक्त आमदनी से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।
योजना से बढ़ा आत्मविश्वास, अन्य किसानों को भी कर रहे प्रेरित
पुष्पेन्द्र कुमार बताते हैं कि पहले वे सामान्य तरीके से खेती करते थे, लेकिन राष्ट्रीय बागवानी मिशन के अंतर्गत सहायता एवं तकनीकी मार्गदर्शन मिलने के बाद उन्होंने आधुनिक खेती की ओर कदम बढ़ाया। उद्यानिकी विभाग के सहयोग ने उन्हें नई तकनीक अपनाने और बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आज पुष्पेन्द्र कुमार अपने गांव में उद्यानिकी खेती के माध्यम से बेहतर लाभ अर्जित कर अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बने हैं। उनका अनुभव बताता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाया जाए तो खेती को अधिक लाभदायक व्यवसाय बनाया जा सकता है।
राष्ट्रीय बागवानी मिशन ने न केवल उनकी आमदनी बढ़ाने में मदद की, बल्कि उनमें खेती के प्रति नया आत्मविश्वास भी पैदा किया है। आधुनिक तकनीक और विभागीय मार्गदर्शन के माध्यम से पुष्पेन्द्र कुमार अब अन्य किसानों को भी पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।






