
पीएम जनमन और पीएमजीएसवाई सड़कों का किया निरीक्षण, 15 नवंबर तक निर्माण पूरा करने के निर्देश; पसान स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों से लिया सुविधाओं का फीडबैक
कोरबा, 7 अगस्त 2026। पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के दूरस्थ एवं पीवीटीजी बहुल क्षेत्रों में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लेने कलेक्टर कुणाल दुदावत ने क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन सड़कों का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने और निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए। दौरे के दौरान जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन एवं एसडीएम मनोज कुमार भी मौजूद रहे।
कलेक्टर ने सबसे पहले सरमा से पसान मार्ग का निरीक्षण किया। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे मिलने पर उन्होंने एसईसीएल रानी अटारी के अधिकारियों को तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस मार्ग पर कोयला परिवहन करने वाले भारी वाहनों की आवाजाही रहती है, ऐसे में ग्रामीणों की सुविधा के साथ उनकी सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जाना जरूरी है।
15 नवंबर तक पूरा हो लैंगा-सेमरा-सैला-जिल्दा मार्ग
कलेक्टर ने पीवीटीजी बहुल गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए पीएम जनमन योजना के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने लैंगा से सेमरा-सैला-जिल्दा तक निर्माणाधीन 14.30 किलोमीटर सड़क का निरीक्षण किया और कार्य की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों को सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए इसे 15 नवंबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
इसी क्रम में उन्होंने कटोरी नगोई-केशलपुर मार्ग पर निर्माणाधीन 6.90 किलोमीटर पीएमजीएसवाई सड़क का भी निरीक्षण किया। रेलवे लाइन के अंतर्गत आने वाले हिस्से में सड़क निर्माण का कार्य अधूरा पाए जाने पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को रेलवे विभाग से समन्वय कर शेष कार्य जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़क निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्माण कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा होना चाहिए, ताकि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिल सके।
पसान स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों से ली सुविधाओं की जानकारी
दौरे के दौरान कलेक्टर दुदावत ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पसान का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पंजीयन कक्ष, प्रसव कक्ष, मरीज वार्ड, दवा वितरण कक्ष और स्टोर रूम का जायजा लिया तथा स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं एवं मरीजों को दी जा रही सेवाओं की जानकारी ली।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। गर्भवती महिलाओं को समय पर संस्थागत एवं सुरक्षित प्रसव के लिए प्रेरित करने तथा हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) की सूची की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत कर उनके उपचार, चिकित्सकों की उपलब्धता, दवाइयों और भोजन की व्यवस्था के संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने प्रसव के बाद माताओं को सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रोटीनयुक्त एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता एवं गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि लोगों को बेहतर उपचार के लिए अनावश्यक रूप से दूर-दराज के क्षेत्रों में न जाना पड़े।






