
रहने और भोजन की व्यवस्था मिलने से पढ़ाई पर ध्यान देना हुआ आसान, शिक्षा जारी रखने में मिला सहारा
कोरबा, 11 अक्टूबर 2026। जिले के ग्रामीण क्षेत्र के पहाड़ी कोरवा जनजाति के छात्र समर कोरवा के लिए छात्रावास की सुविधा शिक्षा की राह आसान बनाने में सहायक साबित हो रही है। परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति, घर से विद्यालय की दूरी और सीमित संसाधनों के कारण समर को नियमित रूप से पढ़ाई जारी रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। परिवार के लिए शिक्षा के साथ रहने और भोजन की व्यवस्था करना भी चुनौतीपूर्ण था।

समर की इन परिस्थितियों को देखते हुए आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत संचालित अनुसूचित जनजाति छात्रावास में उन्हें फत्तेगंज स्थित बालक छात्रावास में प्रवेश मिला। यहां आवास एवं भोजन की सुविधा उपलब्ध होने से उन्हें पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण प्राप्त हुआ। छात्रावास में रहने से विद्यालय आने-जाने में होने वाली परेशानी कम हुई और उनकी पढ़ाई नियमित हो सकी।
समर बताते हैं कि छात्रावास में पढ़ाई के लिए अच्छा वातावरण मिलता है। यहां रहने और भोजन की व्यवस्था होने से उन्हें पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में आसानी हो रही है। इससे उनकी दिनचर्या व्यवस्थित हुई है और शिक्षा के प्रति निरंतरता बनी है।

छात्रावास की सुविधा से समर के परिवार की चिंता भी कम हुई है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए आवास और भोजन की व्यवस्था शिक्षा जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसी सुविधाओं से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए आवश्यक वातावरण मिलता है और वे अपने भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

समर कोरवा के लिए छात्रावास अब केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि शिक्षा जारी रखने का एक महत्वपूर्ण सहारा बन गया है। नियमित विद्यालय जाना, पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल मिलना और बुनियादी जरूरतों की पूर्ति होना उनके शैक्षणिक भविष्य को संवारने में मददगार साबित हो रहा है।







