
कोरबा, 16 सितंबर 2026। कोरबा विकासखंड की दूरस्थ ग्राम पंचायत गिरारी के आश्रित ग्राम अमलीपारा में कभी गर्मी का मौसम शुरू होते ही पानी की चिंता बढ़ जाती थी। ग्रामीणों को घरेलू जरूरतों के लिए ढोढ़ी से पानी लाना पड़ता था। महिलाओं के साथ पुरुषों और बच्चों को भी पानी जुटाने में समय और श्रम लगाना पड़ता था। अब जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल कनेक्शन पहुंचने से गांव की तस्वीर बदल गई है।
अमलीपारा निवासी भारत लोहार और उनकी पत्नी सुनीता लोहार के लिए घर तक नल से पानी पहुंचना बड़ी राहत लेकर आया है। भारत लोहार लोहे को गर्म कर उसे आकार और धार देने का काम करते हैं। भट्ठी की आग के सामने दिनभर मेहनत करने वाले भारत बताते हैं कि आग की तपिश उनके काम का हिस्सा है, लेकिन गर्मी के दिनों में पानी की कमी उससे भी ज्यादा परेशान करती थी।
भारत लोहार बताते हैं कि पहले गर्मी शुरू होते ही पानी के लिए ढोढ़ी पर निर्भरता बढ़ जाती थी। पानी लेने जाने में काफी समय लगता था और कई बार काम छोड़कर पानी की व्यवस्था करनी पड़ती थी। इससे रोजी-रोटी का काम भी प्रभावित होता था। अब घर में ही नल से पानी मिलने लगा है, जिससे दूर जाकर पानी लाने की जरूरत नहीं पड़ती और समय की बचत हो रही है।

सुनीता लोहार बताती हैं कि पहले गर्मी के दिनों में पानी जुटाना परिवार की सबसे बड़ी चिंता होती थी। सुबह और शाम पानी लाने में काफी समय निकल जाता था। अब घर में नल कनेक्शन होने से बाहर जाकर पानी भरने की जरूरत नहीं पड़ती। नियमित रूप से पानी मिलने से घरेलू कामकाज भी आसानी से पूरे हो रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, बारिश और अन्य मौसम में पानी की समस्या अपेक्षाकृत कम रहती थी, लेकिन गर्मी आते ही ढोढ़ी पर निर्भरता बढ़ जाती थी। जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल कनेक्शन पहुंचने से वर्षों पुरानी पेयजल समस्या काफी हद तक कम हुई है। घर के आंगन तक पानी पहुंचने से ग्रामीणों का समय और श्रम दोनों बच रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इस बदलाव का सबसे अधिक लाभ महिलाओं को मिला है। पहले पानी लाने में घंटों समय और मेहनत लगती थी। अब वही समय परिवार, बच्चों और अन्य जरूरी कार्यों में लगाया जा सकता है। घर तक पेयजल पहुंचने से ग्रामीण परिवारों में सुविधा और संतोष भी बढ़ा है।
जल जीवन मिशन के माध्यम से ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचाने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अमलीपारा जैसे दूरस्थ गांव में घर-घर नल कनेक्शन पहुंचने से ग्रामीणों के दैनिक जीवन में बदलाव दिखाई दे रहा है।
अमलीपारा की कहानी बताती है कि घर के आंगन तक पहुंची पानी की एक धार केवल प्यास नहीं बुझाती, बल्कि समय, श्रम और चिंता को भी कम करती है। कभी गर्मी आते ही पानी के लिए परेशान होने वाले परिवारों के लिए नल से आता पानी आसान और सुविधाजनक जीवन की नई शुरुआत बन रहा है।







