9 दिन आंदोलन के बाद भी नहीं मिली राहत, सौर ऊर्जा बहाल नहीं हुई तो बड़े आंदोलन की चेतावनी
सूरजपुर जिले के बिहारपुर क्षेत्र के 17 गांव पिछले करीब छह महीनों से बिजली संकट से जूझ रहे हैं। क्षेत्र में स्थापित सौर ऊर्जा व्यवस्था पूरी तरह ठप होने के कारण लगभग 12 हजार की आबादी अंधेरे में जीवन बिताने को मजबूर है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत और मांग करने के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं किया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार खैरा, कछिया, नवड़ीहा, महुली, कोल्हुआ, कछवारी, चौगा सहित 17 गांवों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित है। बिजली नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कार्य, पेयजल व्यवस्था और अन्य दैनिक गतिविधियां गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं। रात के समय अंधेरा होने के कारण जंगली जानवरों और अन्य वन्यजीवों का खतरा भी लगातार बना रहता है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है।
ग्रामीणों ने बताया कि अपनी मांगों को लेकर उन्होंने 9 दिनों तक आंदोलन किया था। आंदोलन समाप्त होने के बाद उन्हें जल्द समाधान का आश्वासन दिया गया, लेकिन छह महीने बीत जाने के बाद भी सौर ऊर्जा व्यवस्था चालू नहीं हो सकी। इससे लोगों में शासन-प्रशासन के प्रति नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि बंद पड़ी सौर ऊर्जा व्यवस्था को शीघ्र बहाल कर सभी प्रभावित गांवों में नियमित बिजली आपूर्ति शुरू नहीं की गई, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि भविष्य में होने वाले किसी भी आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
बंद पड़ी सौर ऊर्जा व्यवस्था तत्काल शुरू की जाए।
सभी प्रभावित गांवों में नियमित एवं सुचारु बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।






