
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने उत्पाद खरीदकर बढ़ाया महिलाओं का उत्साह

कोरबा, 11 अगस्त 2026। आजादी का अर्थ केवल बंधनों से मुक्ति नहीं, बल्कि अपने सपनों को पूरा करने और अपने पैरों पर खड़े होने की स्वतंत्रता भी है। यही भावना महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से साकार हो रही है। महिलाएं अपने हुनर, रचनात्मकता और मेहनत को आजीविका का साधन बनाकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में लगाया गया ‘जय माता दी’ स्व-सहायता समूह का स्टॉल महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन की इसी प्रेरक तस्वीर को प्रस्तुत कर रहा है।
रजगामार, कोरबा की श्रीमती कीर्ति प्रजापति से जुड़ा ‘जय माता दी’ स्व-सहायता समूह 13 महिलाओं का समूह है। वर्ष 2019 से समूह से जुड़कर श्रीमती कीर्ति प्रजापति सहित अन्य महिलाएं विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से अपने हुनर को रोजगार और आय का जरिया बना रही हैं। समूह की महिलाएं रचनात्मकता और मेहनत से आकर्षक उत्पाद तैयार करती हैं, जिन्हें विभिन्न अवसरों पर स्टॉल के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जाता है।
तिरंगा थीम पर आकर्षक उत्पाद
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में लगाए गए इस स्टॉल को विशेष रूप से देशभक्ति की थीम पर सजाया गया है। यहां कॉफी मग, टी-शर्ट, मैजिक मिरर, मैजिक मग सहित तिरंगा थीम पर आधारित अनेक आकर्षक वस्तुएं उपलब्ध हैं। इन उत्पादों में 15 अगस्त की देशभक्ति और राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान की भावना को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है।
स्टॉल पर पहुंचने वाले लोग इन उत्पादों को देखकर आकर्षित हो रहे हैं और समूह की महिलाओं के हुनर एवं रचनात्मकता की सराहना कर रहे हैं।
कलेक्टर ने की खरीदारी, बढ़ाया महिलाओं का आत्मविश्वास
महिलाओं की मेहनत और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के लिए कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत भी कलेक्ट्रेट परिसर स्थित स्टॉल पर पहुंचे। उन्होंने समूह की महिलाओं से बातचीत कर उनके द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की जानकारी ली। कलेक्टर ने महिलाओं के कार्य की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया और स्टॉल से उत्पादों की खरीदारी भी की।
कलेक्टर द्वारा किए गए इस प्रोत्साहन से समूह की महिलाओं में विशेष उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला। उनके लिए यह अवसर न केवल अपने उत्पादों को लोगों तक पहुंचाने का माध्यम है, बल्कि अपनी मेहनत और हुनर की पहचान बनाने का भी महत्वपूर्ण अवसर है।
हुनर को आजीविका से जोड़ने की पहल
श्रीमती कीर्ति प्रजापति बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें अपने हुनर को आगे बढ़ाने और नई चीजें सीखने का अवसर मिला। समूह की महिलाएं एक-दूसरे का सहयोग करते हुए उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर बनाने और उन्हें अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं।
15 अगस्त के अवसर पर तिरंगे के रंगों में सजा यह स्टॉल केवल देशभक्ति की भावना को प्रदर्शित नहीं कर रहा, बल्कि महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता, स्वावलंबन और स्थानीय हुनर को बढ़ावा देने का संदेश भी दे रहा है।






