
सभी स्कूल-कॉलेज होंगे तंबाकू मुक्त, 100 सप्ताह तक चलेगा जनजागरूकता अभियान
कोरबा, 04 अगस्त 2026। जिले को नशामुक्त बनाने और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक लेकर अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय, जनजागरूकता गतिविधियों के विस्तार तथा अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी, सीईओ जिला पंचायत श्री प्रतीक जैन, नगर निगम आयुक्त श्री आशुतोष पांडेय, अपर कलेक्टर श्री देवेंद्र पटेल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर ने नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए तंबाकू नियंत्रण, जनजागरूकता कार्यक्रमों तथा नशे की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। अभियान के क्रियान्वयन में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर उन्होंने उप संचालक समाज कल्याण एवं जिला शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने जिले के सभी शासकीय एवं निजी शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त परिसर बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने तथा कोटपा (COTPA) अधिनियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों और कॉलेजों में नियमित रूप से तंबाकू निषेध गतिविधियां संचालित की जाएं तथा शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पाद बेचने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने जिले के सभी हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों तथा महाविद्यालयों में ‘माय भारत युवा कार्यक्रम’ के तहत 100 सप्ताह तक नियमित रूप से नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही आश्रम-छात्रावासों में भी नियमित जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने को कहा। समाज कल्याण विभाग को विकासखंड स्तर पर नशा मुक्ति जागरूकता अभियान चलाने तथा भारत वाहिनी की इकाइयों को सक्रिय रूप से जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में कलेक्टर ने जिले के नशा मुक्ति केंद्रों का उनकी निर्धारित क्षमता के अनुरूप बेहतर संचालन सुनिश्चित करने तथा अवैध रूप से संचालित नशा मुक्ति केंद्रों की पहचान कर उनके विरुद्ध तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उन्हें बंद कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ नशा मुक्ति अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।






